पटना. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इंडिया गठबंधन का नेतृत्व ममता बनर्जी को सौंपने के सवाल पर बड़ा बयान दिया है. दरअसल इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच लालू प्रसाद यादव ने कांग्रेस को एक तरह से दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी को तरजीह दी है. दरअसल लालू प्रसाद यादव ने इंडिया गठबंधन का नेतृत्व ममता बनर्जी को देने के की बात पर कांग्रेस की आपत्ति को लेकर कहा कि कांग्रेस के आपत्ति जताने से कुछ नहीं होगा. ममता बनर्जी को नेतृत्व दिया जाए. वहीं इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन की काम सौंपने की बात का समर्थन किया था.वहीं लालू यादव ने नीतीश कुमार की प्रस्तावित महिला संवाद यात्रा पर भी निशाना साधा है. लालू प्रसाद यादव से जब नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह आंख सेकने जा रहे हैं. जाने दीजिए. वह यात्रा नहीं करेंगे सिर्फ आंख सेकने जा रहे हैं. पहले आंख सेकें अपना फिर सरकार बनाने के लिए सोचें. वहीं विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के 200 प्लस सीट जीतने के दावे पर भी लालू यादव ने कहा कि वह पहले आंख सेकें अपना फिर सरकार बनाने के लिए सोचें.
बता दें, बीते दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते दिनों एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू इंडिया गठबंधन को लीड करने का दावा किया था. ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव के परिणाम पर चर्चा करते हुए कहा था कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह इंडिया गठबंधन को लीड करते हुए बेहतर करने का काम करेंगी. उनके इसी बयान के बाद से देशभर की सियासत में ममता बनर्जी के नाम पर सियासत तेज हो गयी है.हालांकि कांग्रेस ममता बनर्जी के नेतृत्व को सीधे तौर पर नकार रही है. बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की एक लीडर हैं. ममता बनर्जी की पार्टी सिर्फ बंगाल तक सीमित है. ममता बनर्जी का राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करने का अभी कद नहीं है और ना उनकी पार्टी का. वहीं पप्पू यादव ने भी कहा कि हम सब उनका सम्मान करते हैं. ममता बनर्जी बड़ी नेत्री हैं. खुद राहुल गांधी भी उनका सम्मान करते हैं. लेकिन, ममता जी को दिल बड़ा रखना होगा.वहीं ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक की कमान सौंपने के सवाल पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन की कोई बैठक नहीं हुई है. इसलिए नेतृत्व परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता. बैठक होने दीजिए. ममता बनर्जी चाहें तो नेतृत्व का दावा कर सकती हैं. हालांकि फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा.